सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

भक्तिन प्रश्न उत्तर

प्रश्न 1 भक्तिन अपने पति को बुढऊ कहकर क्यों याद करती है ?                                                             उत्तर- लक्ष्मी के पति का जब निधन हुआ था, तब वह 36 वर्ष का था और उस समय लक्ष्मी 29 वर्ष की थी | आज उसके पति को मरे काफी वर्ष बीत चुके हैं और लक्ष्मी बूढ़ी हो चुकी है, अतः वह यह समझती है कि उसका पति भी ईश्वर के घर बूढ़ा हो गया होगा | यदि वह उसे बुढ़ऊ कहकर नहीं पुकारती है तो यह उसका घोर अपमान होगा| अतः वह अपने पति को बढ़ऊ कहकर याद करती है|                                                                ...

भक्तिन पाठ के प्रश्न उत्तर भाग- 2 (by Avadh sir )

भक्तिन पाठ के प्रश्न उत्तर भाग- 2        प्रस्तुत पंक्तियों को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए -- “इस दंड विधान के भीतर कोई ऐसी धारा नहीं थी जिसके अनुसार खोटे सिक्कों की टकसाल जैसी पत्नी से पति को विरक्त किया जा सकता | सारी चुगली चबाई की परिणति, उसके पत्नी प्रेम को बढ़ाकर ही होती जेठाणियाँ बात-बात पर धमाधम कूटी-पीसी जाती, पर उसके पति ने कभी उंगली भी नहीं छुआई , वह बड़े बाप की बड़ी बात वाली बेटी को पहचानता भी बहुत रहा होगा I"                                                                                                 ...

भक्तिन ---प्रश्न उत्तर by Avadh Sir(St Mary Sr Sec School, Sikar)

भक्तिन ---प्रश्न उत्तर                                                                                                                    प्रश्न 1. भक्तिन अपना वास्तविक नाम क्यों छुपाती थी? भक्तिन को भक्तिन नाम किसने और क्या देखकर दिया ?   उत्तर - भक्तिन का वास्तविक नाम लक्ष्मी था | उसके जीवन में अनेक दुख,संघर्ष और कठिनाइयों के अलावा कुछ नहीं था | लक्ष्मी नाम उसके जीवन से कहीं मेल नहीं खाता था क्योंकि लक्ष्मी शब्द सुख समृद...

गद्य संकलन संस्मरणात्मक रेखाचित्र भक्तिन ( लेखिका महादेवी वर्मा ) By Avadhesh Sharma

आईएससी हिंदी    गद्य संकलन     संस्मरणात्मक  रेखाचित्र      भक्तिन                       ( लेखिका    महादेवी वर्मा )                                      ' भक्तिन'   पाठ परिचय -- भक्तिन महादेवी वर्मा का प्रसिद्ध संस्मरणात्मक रेखाचित्र है | यह रेखाचित्र उनकी 'स्मृति की रेखाएं' पुस्तक में संकलित है | रेखाचित्र में महादेवी जी ने अपनी सेविका भक्तिन के अतीत और वर्तमान से परिचित कराया है, साथ ही साथ भक्तिन के व्यक्तित्व से भी परिचित कराया है | भक्तिन आरंभ से ही संघर्षशील, स्वाभिमानी एवं कर्मठ महिला थी | भक्तिन अपने कर्तव्य के प्रति जितनी हठी थी, उससे भी कहीं अधिक उसका दुर्भाग्य हठी था | जीवन के प्रत्येक परिच्छेद में भक्तिन को दुख ही दुख प्राप्त हुआ | बाल्यावस्था में ही माता का निधन हो जाना, विमाता के द्वारा 5 ...

सूरदास जी के पद ( बाल लीला के पद) ISC 12th HINDI KAVYAMANJARI

ISC 12th( Hindi ) kavyamanjari -BAL LEELA - MAHAKAVI SOORDAS

बादल को घिरते देखा है(कविता ) कवि नागार्जुन प्रश्न उत्तर --भाग 5

  बादल को घिरते देखा है (कविता )  कवि नागार्जुन प्रश्न उत्तर भाग 5.                                                  " शत-शत निर्झर निर्झरिणी कल  मुखरित देवदारू कानन में ..............................मृदुल  मनोरम अंगुलियों को  बंसी पर फिरते देखा है | बादल को घिरते देखा है |"                                                                           ...